बांग्लार जागरण डॉट कॉम संवाददाता आसनसोल रेलवे स्टेशन पर रैंप बंद होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बीमार और बुजुर्ग यात्रियों के लिए स्थिति और भी जटिल हो गई है। रैंप बंद होने के कारण उन्हें स्ट्रेचर पर स्टेशन से बाहर ले जाया जा रहा है, जो बेहद अपमानजनक और अमानवीय है। नाराज यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज की हैं। कई लोगों ने ट्वीट कर रेलवे अधिकारियों की उदासीनता की आलोचना की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रैंप लंबे समय से बंद पड़ा है, जो यात्रियों के रोजमर्रा के आवागमन में बड़ी बाधा बन गया है। एक यात्री ने ट्वीट किया, “आसनसोल स्टेशन पर रैंप बंद है! बीमार लोग बाहर कैसे निकलें? रेलवे की यह उदासीनता अब सहन नहीं होती।” ऐसी शिकायतों के बावजूद, रेलवे अधिकारियों ने न तो कोई स्पष्ट जवाब दिया है और न ही कोई समाधान शुरू किया है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर हर दिन हजारों लोग आते-जाते हैं। आसनसोल जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर इस तरह की अव्यवस्था न केवल असुविधा पैदा कर रही है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठा रही है। बीमार यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था न होने से कई लोग निराश हैं। एक यात्री ने कहा, “मुझे अपनी माँ को स्ट्रेचर पर बाहर लाना पड़ा। क्या यह किसी सभ्य देश के रेलवे स्टेशन की तस्वीर हो सकती है?”इस घटना के जवाब में, स्थानीय लोग और यात्री संगठनों ने रेलवे अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक रैंप को फिर से शुरू नहीं किया जाता, यह परेशानी कम नहीं होगी। रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आने से यात्रियों का गुस्सा और बढ़ रहा है। Share Post Whatsapp Email Print Messenger Like this:Like Loading... Related Post navigation আসানসোল রেল স্টেশনের র্যাম্পে তালা, যাত্রীদের চরম ভোগান্তি। Chittaranjan : चित्तरंजन रेल कॉलोनी में संचिता चौधरी की हत्या से हड़कंप, धारदार हथियार से हमला, घर तहस-नहस, पुलिस जांच में जुटी