बंगलार जागरण डॉट कॉम संवाददाता आसनसोल में रेल प्रशासन द्वारा जी.टी. रोड के पास पूर्वी रेलवे स्कूल के सामने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने का अभियान सोमवार को शुरू होते ही विवाद और तनाव का कारण बन गया। पूर्वी रेलवे के अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने रेल की जमीन पर बने अस्थायी दुकानों को हटाने का प्रयास किया। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन के स्थानीय नेता राजु अलुवालिया के नेतृत्व में व्यापारियों और समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के चलते रेल प्रशासन और आरपीएफ को कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, थोड़ी देर बाद फुटपाथ से कुछ अस्थायी दुकानें हटाई गईं, लेकिन अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के सामने फुटपाथ पर कब्जे की वजह से छात्रों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना रहता है। दूसरी ओर, इस फुटपाथ पर कई गरीब और बेरोजगार युवक छोटे-छोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इसलिए उनके पुनर्वास की मांग भी विभिन्न राजनीतिक संगठनों द्वारा उठाई जा रही है। राजु अलुवालिया ने शुरुआत से ही इस मांग पर जोर दिया है।राजु अलुवालिया का यह भी आरोप है कि रेल प्रशासन गरीब दुकानदारों पर तो कार्रवाई कर रहा है, लेकिन रेल की जमीन पर बने बड़े-बड़े निर्माण कार्यों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी रेल प्रशासन ने इसी स्थान से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, लेकिन तब भी असफल होना पड़ा। इसी तरह, हटन रोड क्षेत्र में नगर निगम भी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने गया था, लेकिन वहां भी राजु अलुवालिया के विरोध के कारण निगम को पीछे हटना पड़ा।फिलहाल, इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में रेल प्रशासन और नगर निगम मिलकर जी.टी. रोड और हटन रोड के फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त करा पाते हैं या गरीब दुकानदारों के पुनर्वास की मांग पहले पूरी होगी। Share Post Whatsapp Email Print Messenger Like this:Like Loading... Related Post navigation বেলিয়াতোর থেকে দুর্গাপুরে নতুন রেললাইন প্রকল্পের পথে বড় অগ্রগতি भारतीय रेल और SBI के बीच ऐतिहासिक समझौता: रेलकर्मियों को मिलेगा 1 करोड़ तक का निःशुल्क बीमा कवर