बंगलार जागरण डॉट कॉम संवाददाता

शहर के 13 नंबर मोड़ स्थित पुराने रेलवे फायर ब्रिगेड दफ्तर में वर्षों से एक सामाजिक संस्था द्वारा प्रतिदिन दोपहर में सैकड़ों गरीब, बेसहारा और भूखे लोगों को मुफ्त भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाता था। यह सेवा आसानसोल के सामाजिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी थी, जहाँ कई स्थानीय नागरिक, रेलवे कर्मचारी और परिवार विशेष अवसरों पर खुद खर्च उठाकर जरूरतमंदों के लिये भोजन की व्यवस्था करते थे।

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स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों के अनुसार, हाल ही में अचानक आसानसोल रेल डिवीजन ने इस भोजन वितरण कार्य को रोक दिया। इस निर्णय ने लाभार्थियों और सेवा करने वाले सभी लोगों को बेहद परेशान कर दिया है, क्योंकि रोजाना दोपहर का भोजन पाने वाले सैकड़ों लोग अब भोजन से वंचित हो रहे हैं। बुज़ुर्ग, बच्चे, दिव्यांग और रोज कमाने-खाने वाले गरीब लोग सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।

सामाजिक संस्थाओं ने सवाल उठाया है कि आखिर रेलवे ने किन नियमों या निर्देशों का हवाला देकर यह सेवा बंद करवाई। वर्षों से चल रही मानवीय सेवा को रोकने का कारण न तो संस्था को बताया गया और न ही स्थानीय स्तर पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया गया है।

उधर, आसानसोल रेल डिवीजन के डीआरएम और जनसंपर्क अधिकारी की ओर से अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी या बयान जारी नहीं किया गया है। अचानक हुए इस कदम को लेकर स्थानीय समाजसेवी तथा आम नागरिक रेलवे प्रशासन से तत्काल स्पष्टता और हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि गरीबों के लिए दोपहर भोजन की व्यवस्था दोबारा शुरू हो सके और कोई भी भूखा न रहे।

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