बंगलार जागरण डॉट कॉम संवाददाता, कोलकाता। कोल एम्प्लॉइज फोरम ने कोलकाता में पेंशन बढ़ाने, विधवा पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और लंबित मुद्दों के समाधान की मांग उठाई। सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।
लंबे समय से लंबित मुद्दों, कानूनी समस्याओं, कम पेंशन, विधवा पेंशन और नौकरी से अलग होने के बाद पेंशन निपटान में हो रही देरी को लेकर कोल एम्प्लॉइज फोरम ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हो रहा है।
फोरम की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि क्षेत्रीय आयुक्त, सीएमपीएफ कार्यालय के समक्ष कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। साथ ही, 16 जुलाई 2025 को सहायक निदेशक (सीएमपीएफ) धनबाद के साथ हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कोल कर्मचारियों के मंच ने याद दिलाया कि 11 अक्तूबर 2024 को हैदराबाद में केंद्रीय कोयला मंत्री, भारत सरकार के अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा 21 जनवरी 2025 को भी मांग पत्र सीधे भारत सरकार के कोयला मंत्री को भेजा गया था।
मुख्य मांगों में 10,000 रुपये तक न्यूनतम मासिक पेंशन, सीमित मासिक सीएमपीएफ पेंशन की बहाली, ईसीएल के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और 1 अप्रैल 1994 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा सुविधाएँ देना शामिल है। इसके साथ ही संगठन ने पारिवारिक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार की भी मांग की है।
कोल एम्प्लॉइज फोरम ने सरकार से जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।बंगलार जागरण डॉट कॉम संवाददाता कोलकाता। कोल एम्प्लॉइज फोरम ने कोलकाता में पेंशन बढ़ाने, विधवा पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और लंबित मुद्दों के समाधान की मांग उठाई। सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।
लंबे समय से लंबित मुद्दों, कानूनी समस्याओं, कम पेंशन, विधवा पेंशन और नौकरी से अलग होने के बाद पेंशन निपटान में हो रही देरी को लेकर कोल एम्प्लॉइज फोरम ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हो रहा है।
फोरम की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि क्षेत्रीय आयुक्त, सीएमपीएफ कार्यालय के समक्ष कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। साथ ही, 16 जुलाई 2025 को सहायक निदेशक (सीएमपीएफ) धनबाद के साथ हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कोल कर्मचारियों के मंच ने याद दिलाया कि 11 अक्तूबर 2024 को हैदराबाद में केंद्रीय कोयला मंत्री, भारत सरकार के अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा 21 जनवरी 2025 को भी मांग पत्र सीधे भारत सरकार के कोयला मंत्री को भेजा गया था।
मुख्य मांगों में 10,000 रुपये तक न्यूनतम मासिक पेंशन, सीमित मासिक सीएमपीएफ पेंशन की बहाली, ईसीएल के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और 1 अप्रैल 1994 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा सुविधाएँ देना शामिल है। इसके साथ ही संगठन ने पारिवारिक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार की भी मांग की है।
कोल एम्प्लॉइज फोरम ने सरकार से जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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