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आसनसोल के दिग्गज नेता कैप्टन दा का निधन, बर्नपुर अस्पताल में ली अंतिम सांस

बंगलार जागरण डॉट कॉम संवाददाता

आसनसोल के राजनीतिक क्षितिज पर एक युग का अंत हो गया। प्रख्यात नेता, जिन्हें प्यार से “कैप्टन दा” के नाम से जाना जाता था, का 13 मई 2025 को बर्नपुर अस्पताल में निधन हो गया। 3 जुलाई 1951 को जन्मे कैप्टन दा ने अपने जीवन के प्रारंभ से ही राजनीति को अपनी कर्मभूमि बनाया और समाज सेवा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा से लाखों दिलों में जगह बनाई।


कैप्टन दा का राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी के साथ शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने सीपीएम और वाम मोर्चा के साथ मिलकर कई आंदोलनों में हिस्सा लिया, जो सामाजिक न्याय और श्रमिकों के अधिकारों के लिए समर्पित थे। उनकी संगठनात्मक क्षमता और जनता के बीच गहरी पैठ ने उन्हें आसनसोल पौरसभा में कई बार आयुक्त और पार्षद पद के लिए उम्मीदवार बनाया। उन्होंने तत्कालीन हिरापुर विधानसभा और बाद में आसनसोल दक्षिण विधानसभा तथा आसनसोल उत्तर विधानसभा में विधायक उम्मीदवारों के लिए सहायक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद कैप्टन दा ने इस पार्टी में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन को नई दिशा दी। उनकी निष्ठा और समर्पण ने उन्हें तृणमूल कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में स्थापित किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जैसे मंत्री मलय घटक, सुदेश्ना घटक, अभिजीत घटक, भि. शिवदासन दासु, नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, बिधान उपाध्याय, उज्ज्वल चट्टोपाध्याय, लक्ष्मण ठाकुर, पूर्णेंदु चौधरी और हरजीत सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मलय घटक ने कहा, “कैप्टन दा का जाना आसनसोल और बर्नपुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से पार्टी और जनता की सेवा की, जो हमेशा याद रखी जाएगी।” भि. शिवदासन दासु ने उनकी सादगी और समर्पण को याद करते हुए कहा, “कैप्टन दा जैसे नेता विरले ही होते हैं। उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। कैप्टन दा की मेहनत और जनसेवा ने उन्हें आसनसोल-बर्नपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक जनप्रिय नेता बनाया। उनके निधन से न केवल तृणमूल कांग्रेस, बल्कि समूचा आसनसोल शोक में डूबा है।” नेताओं और समर्थकों ने एकमत होकर कहा कि कैप्टन दा जैसे निःस्वार्थ नेता का अभाव लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

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